दीपक तो अँधेरे मैं ही जला करते है
फूल तो काँटों मैं भी खीला करते है
थक कर न बेठ ए मंजिल के मुसाफ़िर
हीरे अक्सर कोयले की खान मैं ही मिला करते है.
जिनको आपने काम पर भरोसा होता है
वो नौकरी करते है
और जिन्हें आपने आप पर भरोसा होता है
वो व्यापार करते है
दो अक्षर का होता है लक
ढाई अक्षर का होता है भाग्य
तीन अक्षर का होता है नसीब
पर ये सब चार अक्षर की मेहनत से छोटे होते है
फूल तो काँटों मैं भी खीला करते है
थक कर न बेठ ए मंजिल के मुसाफ़िर
हीरे अक्सर कोयले की खान मैं ही मिला करते है.
जिनको आपने काम पर भरोसा होता है
वो नौकरी करते है
और जिन्हें आपने आप पर भरोसा होता है
वो व्यापार करते है
दो अक्षर का होता है लक
ढाई अक्षर का होता है भाग्य
तीन अक्षर का होता है नसीब
पर ये सब चार अक्षर की मेहनत से छोटे होते है
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